12वीं में फेल, साइकिल पर बेचा दूध… आज हैं सख्त IPS ऑफिसर: उमेश गणपत की कहानी

12वीं में फेल, साइकिल पर बेचा दूध… आज हैं सख्त IPS ऑफिसर: उमेश गणपत की कहानी

Facebook
WhatsApp
Telegram
12वीं में फेल, साइकिल पर बेचा दूध… आज हैं IPS ऑफिसर: उमेश गणपत की कहानी

“असफलता अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।” इस कहावत को अगर किसी ने सच साबित किया है, तो वो हैं महाराष्ट्र के उमेश गणपत।

जरा सोचिए, एक ऐसा लड़का जो 12वीं की परीक्षा में अंग्रेजी विषय में फेल हो गया हो। जिसे लगा हो कि उसका पढ़ाई का रास्ता अब बंद हो चुका है। जिसने पेट पालने के लिए धूप और धूल के बीच साइकिल पर दूध बेचा हो। आज वही लड़का वर्दी पहनकर कानून-व्यवस्था संभाल रहा है। यह फिल्मी कहानी नहीं, यह IPS उमेश गणपत खंडबहाले का असली संघर्ष है।

“ज़िंदगी ने उन्हें तोड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्होंने टूटने के बजाय रिकॉर्ड तोड़ने का फैसला किया।”

अंग्रेजी का डर और ‘फेल’ का धब्बा

उमेश का जन्म नासिक (महाराष्ट्र) के एक छोटे से गांव ‘महिरावणी’ में एक साधारण किसान परिवार में हुआ। संसाधनों की कमी थी, लेकिन आंखों में सपने थे। साल 2001 में, जब वो बोर्डिंग स्कूल में थे, उन्हें एक बड़ा झटका लगा। वो 12वीं बोर्ड की परीक्षा में फेल हो गए।

फेल होने का दर्द इतना गहरा था कि उन्होंने मान लिया था कि पढ़ाई उनके बस की बात नहीं है। उन्होंने किताबें बंद कर दीं और अपने पिता के साथ काम पर लग गए।

साइकिल, दूध और एक सवाल

स्कूल छूट गया, लेकिन संघर्ष शुरू हो गया। उमेश हर सुबह जल्दी उठते, गांव से दूध इकट्ठा करते और साइकिल चलाकर नासिक शहर बेचने जाते। इसके अलावा वो खेतों में मजदूरी भी करते थे।

लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था। दूध बेचने के रास्ते में यशवंतराव चव्हाण मुक्त विश्वविद्यालय (YCMOU) पड़ता था। उमेश अक्सर गेट के बाहर रुककर कॉलेज के छात्रों को देखते। उनके मन में एक सवाल आया:

“क्या मैं सिर्फ दूध बेचने के लिए बना हूं? या मैं भी उस गेट के पार जा सकता हूं?”

फिर शुरू हुई असली लड़ाई

उस एक पल ने सबकुछ बदल दिया। उमेश ने हार न मानने की ठानी। उन्होंने ओपन यूनिवर्सिटी से दोबारा पढ़ाई शुरू की। जिस अंग्रेजी विषय ने उन्हें फेल किया था, उसी अंग्रेजी में उन्होंने M.A. (मास्टर्स) किया। साथ ही B.Ed भी पूरा किया।

इसके बाद उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC को चुनौती दी।

असफलता से सफलता तक

रास्ता आसान नहीं था। उमेश पहले प्रयास में फेल हुए। दूसरे प्रयास में भी सफलता नहीं मिली। दिल्ली में रहकर तैयारी करना और बार-बार गिरना किसी को भी तोड़ सकता था। लेकिन उमेश का संकल्प पत्थर की लकीर था।

2014 में अपने तीसरे प्रयास में, उन्होंने UPSC क्रैक किया और 704वीं रैंक हासिल की। दूध बेचने वाला वो लड़का अब एक IPS अधिकारी बन चुका था।

IPS उमेश गणपत: एक नज़र में
मूल स्थान महिरावणी गांव, नासिक (महाराष्ट्र)
संघर्ष 12वीं फेल, दूध बेचना, मजदूरी
शिक्षा M.A. (अंग्रेजी), B.Ed
UPSC रैंक AIR 704 (CSE 2014)
वर्तमान पद SP (Police Superintendent)

सीख (Conclusion)

उमेश गणपत की कहानी हमें सिखाती है कि आपका ‘बीता हुआ कल’ (Past) आपके ‘आने वाले कल’ (Future) को निर्धारित नहीं करता। अगर आप 12वीं में फेल हुए हैं, या नौकरी नहीं मिल रही, तो याद रखें—यह सिर्फ एक ‘कमा’ (,) है, ‘पूर्ण विराम’ (.) नहीं।

Picture of Rohit Saini

Rohit Saini

Rohit Saini एक Software Engineer (B.Tech CSE) और अनुभवी कंटेंट राइटर हैं। पिछले 5 सालों से वे डिजिटल जगत में सक्रिय हैं। उनका लक्ष्य सरल है—देश के छात्रों को समय पर और सटीक जानकारी (Authentic Information) देना। वे अपनी तकनीकी समझ का इस्तेमाल करके यह सुनिश्चित करते हैं कि आप तक पहुँचने वाली हर खबर (जैसे रिजल्ट्स या सरकारी नौकरी) 100% सही हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

universityresultzone

Trending Results

Request For Post