सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। 10वीं और 12वीं की इंप्रूवमेंट (Improvement) परीक्षाओं के नियम अब पूरी तरह से बदल दिए गए हैं।
अगर आप या आपके घर में कोई बच्चा CBSE बोर्ड से पढ़ाई कर रहा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। CBSE के परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examination) संयम भारद्वाज ने 2026 सत्र के लिए नए दिशा-निर्देश स्पष्ट कर दिए हैं। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि ‘दो बोर्ड परीक्षा’ का नियम सिर्फ 10वीं पर लागू होगा, 12वीं पर नहीं।
🎓 12वीं के छात्रों के लिए क्या बदला? (Class 12 Rules)
- ❌ मल्टीपल सब्जेक्ट में सुधार नहीं: 12वीं के छात्र सप्लीमेंट्री परीक्षा (जुलाई 2026) में केवल एक ही विषय (Single Subject) में अपने नंबर सुधार (Improvement) सकेंगे।
- 📅 एक से ज्यादा विषयों के लिए नियम: अगर कोई छात्र एक से ज्यादा विषयों में नंबर बढ़ाना चाहता है, तो उसे अगले साल (फरवरी) होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा में फिर से बैठना होगा।
- 📝 आवेदन कब होगा? मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद ही इंप्रूवमेंट या कंपार्टमेंट के फॉर्म भरे जाएंगे। सप्लीमेंट्री परीक्षा 15 जुलाई 2026 को संभावित है।
🏫 10वीं के छात्रों के लिए नियम (Class 10 Rules)
- ✅ 10वीं कक्षा में होने वाली ‘दूसरी बोर्ड परीक्षा’ को ही इंप्रूवमेंट परीक्षा माना जाएगा।
- ⏳ आवेदन का मौका: मुख्य परीक्षा खत्म होने के ठीक बाद 10 दिनों की एक विंडो खुलेगी। छात्र अपने पेपर के संभावित रिजल्ट का अंदाजा लगाकर दूसरी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे।
- 🔄 दूसरा चांस: पहला रिजल्ट आने के बाद भी छात्रों को नंबर सुधारने के लिए एक और मौका दिया जाएगा।
- 💰 फीस अनिवार्य: दूसरी परीक्षा में बैठने के लिए अलग से परीक्षा शुल्क (Fee) जमा करना अनिवार्य होगा।
निष्कर्ष: CBSE का यह कदम छात्रों को मुख्य परीक्षा में ही अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। 12वीं के छात्रों को अब और ज्यादा सतर्क रहना होगा क्योंकि उनके पास मल्टीपल सब्जेक्ट्स में इंप्रूवमेंट का शॉर्टकट अब नहीं रहेगा।











