Officer Beno Zephine Azhagiri की प्रेरक कहानी

हौसले की उड़ान: भारत की पहली नेत्रहीन IFS Officer Beno Zephine Azhagiri की प्रेरक कहानी

Facebook
WhatsApp
Telegram

सार (Summary): चेन्नई के एक साधारण परिवार में जन्मीं बेनो ज़ेफिन ने साबित कर दिया कि रोशनी आँखों में नहीं, हौसलों में होनी चाहिए। 100% दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने UPSC क्लियर किया और भारत की पहली नेत्रहीन IFS अधिकारी बनकर इतिहास रच दिया।

चेन्नई के एक साधारण परिवार में 19 अप्रैल 1990 को एक बेटी ने जन्म लिया। मां-बाप की खुशी का ठिकाना न रहा। लेकिन जल्द ही पता चला कि बेटी की आंखों में रोशनी नहीं है। वो कभी दुनिया नहीं देख पाएगी।

यह खबर किसी भी माता-पिता को तोड़ सकती थी, पर Beno Zephine Azhagiri के माता-पिता ने हिम्मत नहीं हारी। पिता ल्यूक एंथन चार्ल्स रेलवे में कर्मचारी थे और मां मैरी पद्मजा घर संभालती थीं। उन्होंने अपनी बेटी को इतने प्यार और आत्मविश्वास से पाला कि बेनो को कभी अपनी कमी का अहसास ही नहीं हुआ।

🎓 शिक्षा और शुरुआती संघर्ष

Beno Zephine Azhagiri को चेन्नई के लिटिल फ्लावर स्कूल में दाखिला मिला। वो पढ़ाई में बेहद तेज़ थीं। भाषण प्रतियोगिता (Debate Competition) में हमेशा पहला स्थान पाती थीं। स्कूल के शिक्षकों और साथियों ने कभी उन्हें अलग महसूस नहीं होने दिया।

“मेरे परिवार और स्कूल ने कभी मुझे अलग नहीं समझा। सबने मेरा साथ दिया।”
— Beno Zephine

और फिर एक दिन बेनो ने अपना लक्ष्य तय कर लिया — वो IAS या IFS बनेंगी। सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करेंगी।

👨‍👩‍👧 मां-बाप का अनोखा साथ और संघर्ष

UPSC की तैयारी आसान कहां होती है? दिखने वालों के लिए भी यह पहाड़ जैसा मुश्किल है, तो बेनो के लिए यह कितना कठिन रहा होगा, हम केवल कल्पना कर सकते हैं। लेकिन उनके पास उनकी सबसे बड़ी ताकत थी — उनके माता-पिता।

  • ब्रेल लिपि: बेनो ने ब्रेल लिपि सीखी और उसी में किताबें पढ़ीं।
  • पिता का संघर्ष: पिता दूर-दूर से ब्रेल में छपी किताबें ढूंढकर लाते थे।
  • मां की तपस्या: मां रोजाना घंटों अखबार और किताबें पढ़कर सुनाती थीं। एक भी दिन ऐसा नहीं छूटता था जब मां ने पढ़ाई में मदद न की हो।
  • टेक्नोलॉजी: बेनो ने कंप्यूटर में खास सॉफ्टवेयर (JAWS) लगवाया जो स्क्रीन पर लिखे शब्दों को आवाज़ में बदलता था। वो टीवी पर न्यूज़ सुनतीं और इंटरनेट से पढ़ाई का मटेरियल निकालती थीं।

🏆 पहली बार में ही मिली ऐतिहासिक कामयाबी

कॉलेज से इंग्लिश में मास्टर्स करने के बाद 2014 में बेनो ने यूपीएससी का एग्ज़ाम दिया। और जब रिजल्ट आया, तो कमाल हो गया — उन्होंने पहली ही बार में 343वीं रैंक हासिल की!

ये किसी चमत्कार से कम नहीं था। बेनो भारत की पहली 100% दृष्टिबाधित (Visually Impaired) IFS अधिकारी बनीं।

🌍 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व

आज Beno Zephine Azhagiri एक सफल राजनयिक (Diplomat) हैं। उनके करियर का सफर शानदार रहा है:

स्थान (Posting) भूमिका (Role)
पेरिस (France) 2 साल तक सेवा दी
दिल्ली (MEA) विदेश मंत्रालय में 3 साल कार्य किया
कुआलालंपुर (Malaysia) 3 साल तक पदस्थ रहीं
जकार्ता (Indonesia) वर्तमान में (First Secretary)

💡 प्रेरणा और संदेश

बेनो अक्सर कहती हैं —

“हम इतने कीमती हैं कि निराशाओं को अपने मन में जगह न दें।”

उनकी आंखों में भले रोशनी नहीं, लेकिन उनके हौसले ने लाखों लोगों के दिलों में उम्मीद की रोशनी जला दी है।

Beno Zephine Azhagiri की कहानी ये सिखाती है कि अगर इरादे पक्के हों, परिवार का साथ हो और खुद पर भरोसा हो, तो कोई भी मुश्किल इंसान को रोक नहीं सकती। आज बेनो करोड़ों लड़कियों, युवाओं और दिव्यांगों के लिए एक जीवित मिसाल हैं कि हिम्मत हो तो रास्ते खुद बन जाते हैं।

🌟 हौसले की ऐसी ही और कहानियाँ पढ़ें!

क्या आप भी ऐसी प्रेरणादायक और सफलता की कहानियों से मोटिवेट होना चाहते हैं? हमारी ‘Success Stories’ कैटेगरी में ऐसी अनगिनत कहानियाँ आपका इंतज़ार कर रही हैं।

👉 अभी पढ़ें (Read More Stories) 🚀

Picture of Rohit Saini

Rohit Saini

Rohit Saini एक Software Engineer (B.Tech CSE) और अनुभवी कंटेंट राइटर हैं। पिछले 5 सालों से वे डिजिटल जगत में सक्रिय हैं। उनका लक्ष्य सरल है—देश के छात्रों को समय पर और सटीक जानकारी (Authentic Information) देना। वे अपनी तकनीकी समझ का इस्तेमाल करके यह सुनिश्चित करते हैं कि आप तक पहुँचने वाली हर खबर (जैसे रिजल्ट्स या सरकारी नौकरी) 100% सही हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

universityresultzone

Trending Results

Request For Post