हाल ही में एक बिजनेस शो में 18 साल के एक लड़के ने अपने बिजनेस मॉडल और जज्बे से बड़े-बड़े इन्वेस्टर्स (Investors) को भी हैरान कर दिया । इस युवा फाउंडर का नाम दुर्गेश है, जो अपने छोटे भाई सई और अपनी दादी के साथ शो में फंडिंग लेने पहुंचा था। महज़ 12वीं क्लास में पढ़ने वाले दुर्गेश की कहानी और उनके बिज़नेस के आंकड़े (Numbers) देखकर इन्वेस्टर्स भी बोल पड़े— “ये भारत के असली सुपर फाउंडर हैं!”
😢 9 साल की उम्र में पिता का निधन, वहीं से ठानी बिजनेस की जिद
दुर्गेश जब केवल 9 साल के थे, तब उनके पिता का निधन हो गया था । उनके पिता का सपना एक बड़ा बिजनेसमैन बनने का था, लेकिन वह इसे पूरा नहीं कर पाए। पिता के उसी अधूरे सपने को दुर्गेश ने अपने मन में बिठा लिया और इतनी छोटी उम्र में ही खुद का बनाना चिप्स (Banana Chips) का बिजनेस शुरू कर दिया। शो में दुर्गेश की दादी ने भी मराठी में बेहद भावुक होकर बताया कि कैसे उनके पोते ने घर की परिस्थितियों से लड़कर यह मुकाम हासिल किया है ।
दुर्गेश का बिजनेस मॉडल बहुत ही सॉलिड है। वर्तमान में उनके बिजनेस के कुछ हैरान करने वाले आंकड़े इस प्रकार हैं:
- मंथली सेल्स: 1.5 से 2 टन चिप्स हर महीने बिक रहे हैं।
- रेवेन्यू: बिना किसी बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के उनका मंथली टर्नओवर लगभग 4.5 लाख रुपये है ।
- प्रॉफिट: अभी वे एक मैन्युफैक्चरर से 160 रुपये प्रति किलो के हिसाब से चिप्स खरीदते हैं और प्रति किलो 10 रुपये का प्रॉफिट कमाते हैं।
📱 Instagram का असली इस्तेमाल: 50% बिजनेस सोशल मीडिया से
आजकल के युवा जहां Instagram पर सिर्फ समय बर्बाद करते हैं, वहीं दुर्गेश ने इसे अपने बिजनेस का सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। उनके इंस्टाग्राम पेज पर 50,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और उनकी एक रील पर 2.5 मिलियन (25 लाख) से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं। उनके कुल बिजनेस का लगभग 50% हिस्सा सीधे Instagram के जरिए आता है।
💡 फ्यूचर प्लान और फंडिंग की जरूरत
दुर्गेश अब इस बिजनेस को और बड़ा करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य अपनी खुद की चिप्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (फैक्ट्री) लगाने का है, जिसके लिए उन्हें 30 से 35 लाख रुपये की मशीनरी की आवश्यकता है। उनका विजन है कि खुद की फैक्ट्री होने पर वे हर महीने 5 से 10 टन चिप्स बेचेंगे और 60 से 70 लाख रुपये महीने का रेवेन्यू जनरेट करेंगे, जिसमें 18-20% का प्रॉफिट मार्जिन होगा !
💼 Investors की गोल्डन एडवाइस (Advice)
दुर्गेश की इस शानदार पिच पर इन्वेस्टर्स ने फंडिंग देने के साथ-साथ उन्हें 2 सबसे बड़ी सलाह दीं:
2. “बिजनेस चाहे कितना भी बड़ा बन जाए, लेकिन अपनी पढ़ाई (Education) के साथ कोई समझौता नहीं करना है।”
💡 निष्कर्ष: दुर्गेश जैसे युवा यह साबित करते हैं कि अगर आपके सपने बड़े हैं और आपमें रिस्क लेने की हिम्मत है, तो उम्र सिर्फ एक नंबर है।











