UPSC सिविल सेवा परीक्षा को मुल्क की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार किया जाता है। हर साल लाखों नौजवान इस इम्तिहान में बैठते हैं, मगर कामयाबी कुछ ही लोगों के हिस्से आती है। आम तौर पर यह समझा जाता है कि UPSC पास करने के लिए महंगी कोचिंग, बड़े शहरों में रहना और सालों की तैयारी ज़रूरी होती है।
लेकिन राजस्थान कैडर के IPS अधिकारी Abhijit Patil ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मज़बूत हों, रणनीति सही हो और मेहनत सच्ची हो, तो बिना कोचिंग और कम समय में भी UPSC जैसी परीक्षा पास की जा सकती है।
चेहरे पर मत जाइए जनाब! ‘Baby Face’ के पीछे है एक सख्त अफसर






Abhijit Patil ने महज़ 22 साल की उम्र में IPS अधिकारी बनकर इतिहास रच दिया। वे राजस्थान कैडर के सबसे कम उम्र के IPS अधिकारियों में से एक हैं। उनका चेहरा देखकर अक्सर लोग धोखा खा जाते हैं।
उनके ‘बेबी फेस’ और सादा व्यक्तित्व को देखकर कई बार लोग यकीन ही नहीं कर पाते कि सामने खड़ा यह युवक खाकी वर्दी पहनने वाला एक जिम्मेदार IPS अधिकारी है।
लेकिन जब वे काम करते हैं, फैसले लेते हैं और अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हैं, तो उनकी उम्र नहीं, बल्कि उनकी सोच और गंभीरता बोलती है। आज Abhijit राजस्थान के चूरू ज़िले के राजगढ़ में ASP के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और कानून-व्यवस्था को मज़बूती से संभाल रहे हैं।
ठाणे का लड़का, राजस्थान का ‘साहब’: परिवार से मिली संस्कारों की नींव
Abhijit का ठाणे से UPSC तक का सफ़र काफी दिलचस्प रहा है। उनका जन्म 11 जून 1999 को महाराष्ट्र के ठाणे में हुआ। उनका परिवार शुरू से ही पढ़ा-लिखा और सरकारी सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता नगर निगम में चीफ ऑडिटर रहे हैं और मां सिंचाई विभाग में सेवाएं दे चुकी हैं। अभिजीत की दो बहनें भी हैं।
पढ़ाई की बात करें तो Abhijit ने सिविल और एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग में B.Tech किया है। इंजीनियरिंग के आखिरी साल में ही उनके मन में देश सेवा और UPSC का ख़्याल आया।
YouTube पर एक वीडियो देखा और ठान लिया- ‘मैं भी कर सकता हूँ’
इस सफर की सबसे ख़ास बात यह रही कि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का रुख नहीं किया, बल्कि Self-Study को ही अपना हथियार बनाया। एक इंटरव्यू में अभिजीत बताते हैं कि उन्होंने यूट्यूब पर किसी UPSC टॉपर का इंटरव्यू देखा था। उसी वीडियो ने उनके मन में एक सवाल पैदा किया—
“अगर वे कर सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं?”
इसके बाद उन्होंने सबसे पहले UPSC के सिलेबस को गहराई से समझा, परीक्षा के पैटर्न को जाना और अपनी खुद की रणनीति बनाई। उन्होंने किताबों का ढेर लगाने के बजाय ‘कम लेकिन सही’ किताबों का चुनाव किया। उनका मानना था कि हर व्यक्ति की तैयारी की रफ़्तार अलग होती है, इसलिए अपनी क्षमता अनुसार ही आगे बढ़ना चाहिए।
AIR 470 और वो पल, जिसने बदल दी दुनिया
उनकी कड़ी मेहनत और सही रणनीति का नतीजा UPSC 2022 में सामने आया, जब उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 470 हासिल की। इतनी कम उम्र में यह सफलता किसी सपने के सच होने से कम नहीं थी। चयन के बाद उन्हें राजस्थान कैडर में IPS अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया।
संसाधन नहीं, संकल्प चाहिए: लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल
आज Abhijit Patil सिर्फ़ एक IPS अधिकारी नहीं हैं, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए एक ज़िंदा मिसाल हैं, जो संसाधनों की कमी या आत्मविश्वास की कमी के कारण अपने सपनों को छोटा मान लेते हैं।
Abhijit Patil की सफलता यह संदेश देती है कि UPSC जैसी कठिन परीक्षा भी इंसान की लगन के आगे हार मान सकती है। अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत ईमानदार हो, तो रास्ते खुद-ब-खुद बनते चले जाते हैं।










